मिश्रिख तीर्थ

मिश्रिख तीर्थ

 21 May, 2025.

दधीचि कुंड:
नैमिषारण्य से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित **मिश्रिख** एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। प्राचीन कथाओं के अनुसार, जब **वृत्रासुर** के अत्याचारों से देवता पीड़ित हुए, तो उन्होंने ब्रह्माजी से सहायता की प्रार्थना की। ब्रह्माजी ने उन्हें सलाह दी कि वज्र का निर्माण करना होगा, जो केवल **महर्षि दधीचि** की अस्थियों से संभव है।
महर्षि दधीचि ने लोककल्याण के लिए सहर्ष अपने अस्थियों का दान दिया। अस्थिदान से पूर्व उन्होंने जिस सरोवर में स्नान किया, वह स्थान **दधीचि कुंड** के नाम से प्रसिद्ध हुआ। यह कुंड पवित्र नदियों के जल से निर्मित माना जाता है।
मिश्रिख की आध्यात्मिक महत्ता का वर्णन *पद्मपुराण (आदिकांड)* में विस्तार से किया गया है।सीताकुंड:
ऐसी मान्यता है कि भगवान **राम**, **लक्ष्मण** और **माता सीता** जब वनवास के लिए जा रहे थे, तब उन्होंने इस स्थान पर विश्राम किया था। माता सीता ने यहाँ स्नान किया था, इसी कारण यह स्थान **सीताकुंड** कहलाया। यह स्थल आज भी भक्तों के लिए आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है।

Recent Added

Donate

Donate Us To Help