कालीपीठ संस्थान: एक आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा केंद्र

कालीपीठ संस्थान: एक आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा केंद्र

 21 May, 2025.
धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक गतिविधियाँ:
**कालीपीठ संस्थान** में नियमित रूप से श्रद्धेय संतों के द्वारा **अनुष्ठान**, **यज्ञ** और **कथाओं** का आयोजन किया जाता है। संस्थान की आधारशिला **राष्ट्र संत श्री मोरारी बापू** द्वारा रखी गई थी। यह संस्थान आज भी **श्री रमेश भाई ओझा**, **श्री कीर्ति भाई**, **श्री विजय कौशल जी** जैसे आध्यात्मिक महापुरुषों की सत्संग सभाओं की मेज़बानी करता है, जो **कालीपीठाधीश श्री गोपाल शास्त्री जी** के मार्गदर्शन में आयोजित होती हैं।
यहाँ प्रतिदिन **माता गायत्री का यज्ञ** निःशुल्क सम्पन्न किया जाता है, जिसमें भक्तगण खुले दिल से भाग ले सकते हैं। विशेष रूप से **नवरात्रि** के अवसर पर **शतचंडी** और **सहस्रचंडी यज्ञ** जैसे विशेष अनुष्ठानों का आयोजन होता है, जिनमें **कलश स्थापना** भी होती है, जो भक्तों के कल्याण हेतु की जाती है। इसके अतिरिक्त, **मां धूमावती का दर्शन-पूजन** वर्ष में दो बार नवरात्रि के दौरान संपन्न होता है।
संस्थान द्वारा **पूजन-पाठ**, **महामृत्युंजय जाप**, **रुद्राभिषेक**, **जन्मपत्री निर्माण** और **फलादेश** जैसी सेवाएँ भी दी जाती हैं, जिनके लिए योग्य आचार्यगण उपलब्ध रहते हैं।
*सुव्यवस्थित सुविधाएँ और आधारभूत संरचना:
संस्थान में एक भव्य **सत्संग भवन** निर्मित है, जिसकी क्षमता लगभग 500 लोगों की है। इसमें आध्यात्मिक प्रवचन, कथा-भागवत और सामाजिक आयोजनों का संचालन होता है। बड़े आयोजनों के लिए संस्थान के विस्तृत **50,000 वर्गफुट** परिसर में **शामियाने** की व्यवस्था की जाती है।
तीर्थयात्रियों के लिए एक सुंदर **अतिथि भवन** निर्मित है, जिसमें 24 घंटे जल और भोजन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है। संस्थान पवित्रता और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है, और आगंतुकों से भी इसी अनुशासन का पालन अपेक्षित है।
*सामाजिक और जनसेवा की पहल:
**कालीपीठ संस्थान** सामाजिक कल्याण के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। इसमें **गरीब बालकों के लिए यज्ञोपवीत संस्कार** (जनेऊ) और **वंचित कन्याओं के विवाह हेतु सहयोग** जैसी पहलें शामिल हैं।
यहाँ एक **वृद्ध साधना आश्रम** भी संचालित है, जहाँ बुजुर्ग व्यक्तियों या दंपतियों को निःशुल्क आवास की सुविधा दी जाती है, जिससे वे शांति और भक्ति के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।
*भक्ति और सेवा का संगम:
संस्थान संतों और आगंतुकों की सेवा में समर्पित है, और उनकी आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखता है। श्रद्धालु यज्ञों में भाग ले सकते हैं, तथा संस्थान के सतत सेवा कार्यों में योगदान भी कर सकते हैं।
यहाँ **कलश स्थापना** और **श्री यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा** भी संपन्न होती है, जिसमें भाग लेकर भक्त पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं।**कालीपीठ संस्थान**, आस्था और सेवा का वह दिव्य केंद्र है, जहाँ श्रद्धा, साधना और समाजसेवा एकाकार होते हैं।

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